Product Name
Availability: In Stock
All Religious Books are available in Temple Stores.
विष्णु
श्री गोपीगोविंद तीर्थ — काशी के 18 प्रमुख विष्णु स्वरूपों में से एक। यहाँ भगवान कृष्ण ने गौ-हत्या पाप से मुक्ति हेतु गोप्रेक्षेश्वर महादेव के दर्शन किए और अपनी गोपियों संग दिव्य रास लीला रचाई।
गोपीगोविंद तीर्थ का विग्रह आदिकाल की शालिग्राम शिला से निर्मित है। स्कन्द पुराण के अनुसार — "गोपी गोविंदतीर्थे तु गोपीगोविंदसंज्ञकम्। समर्च्यमां नरो भक्त्या मम मायां न संस्पृशेत्॥" अर्थात गोपीगोविन्द तीर्थ में भक्तिपूर्वक गोपीगोविन्द नाम से पूजा करने से मनुष्य माया के स्पर्श से दूर रहता है। वाराणसी के गोप्रेक्षेश्वर महादेव मंदिर के भीतर स्थित यह तीर्थ अपने दर्शन मात्र से वृंदावन तीर्थ का फल प्रदान करता है।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
प्रातः और सायं नियमित आरती
जन्माष्टमी, होली, फाल्गुन मास
गोपीगोविंद के दर्शन से माया से मुक्ति, वृंदावन तीर्थ का फल, और भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।